Cherry Blossom : (चेरी ब्लॉसम) जापान में फूलों को देखने और उनके बीच समय बिताने की परंपरा
Cherry Blossom (चेरी ब्लॉसम) केवल एक सुंदर फूल नहीं, बल्कि प्रकृति, मौसम, पर्यटन और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आकर्षण है। जापान में इसे Sakura कहा जाता है और इसके फूलों का मौसम सदियों से Hanami यानी फूलों को देखने और उनके बीच समय बिताने की परंपरा से जुड़ा रहा है। जापान में चेरी की अनेक जंगली और विकसित किस्में हैं तथा Somei Yoshino सबसे व्यापक रूप से लगाए जाने वाले प्रकारों में से एक है। भारत में भी Cherry Blossom का अपना अलग रूप है। हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाला Prunus cerasoides, जिसे Himalayan Cherry या Indian Wild Cherry कहा जाता है, भारत की प्राकृतिक वनस्पति का हिस्सा है। यह जापान की लोकप्रिय वसंतकालीन Sakura से अलग प्रजाति है और भारत के कई पर्वतीय तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में इसके फूल विशेष आकर्षण पैदा करते हैं। Cherry Blossom : (चेरी ब्लॉसम) क्या है Cherry Blossom और इसे Sakura क्यों कहा जाता है? Cherry Blossom सामान्यतः Prunus वंश की उन प्रजातियों और cultivars के फूलों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला नाम है जिन्हें उनके आकर्षक फूलों के लिए जाना जाता है। जापान में Cherry Blossom को Sakura कहा जाता है। Sakura जापानी संस्कृति में मौसम के परिवर्तन और फूलों की क्षणभंगुर सुंदरता का प्रतीक बन चुका है। जापान में वसंत ऋतु में लोग इन फूलों को देखने के लिए पार्कों, नदियों के किनारों और उद्यानों में जाते हैं। इस परंपरा को Hanami कहा जाता है। क्या Cherry Blossom और चेरी फल देने वाला पेड़ एक ही है? यह सवाल महत्वपूर्ण है क्योंकि Cherry Blossom और फल वाली sweet cherry को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है। दोनों Prunus genus से संबंधित हो सकते हैं, लेकिन Cherry Blossom के नाम से प्रसिद्ध कई ornamental cherry cultivars मुख्य रूप से फूलों के लिए लगाए जाते हैं, जबकि sweet cherry का उत्पादन फल के लिए किया जाता है। भारत में फल वाली sweet cherry की व्यावसायिक खेती मुख्य रूप से ठंडे पर्वतीय क्षेत्रों में होती है। दूसरी ओर, Prunus cerasoides जैसे Himalayan flowering cherries को उनके फूलों और ornamental value के लिए जाना जाता है। Cherry Blossom की सबसे प्रसिद्ध किस्म कौन-सी है? जापान में Somei Yoshino सबसे प्रसिद्ध और व्यापक रूप से लगाए जाने वाले cherry cultivars में से एक है। इसके फूल हल्के गुलाबी से लगभग सफेद दिखाई देते हैं और सामान्यतः पांच पंखुड़ियों वाले होते हैं। इसकी खासियत यह भी है कि फूल अक्सर पत्तियों के पूरी तरह निकलने से पहले दिखाई देते हैं। इसके अलावा जापान में Yamazakura, Edohigan, Oshima-zakura, Kanzan, Fugenzo, Ukon, Shogetsu और Kikuzakura सहित अनेक प्रकार मिलते हैं। कुछ double-flowered varieties में पंखुड़ियों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है। प्रमुख Cherry Blossom प्रकार प्रकार प्रमुख विशेषता सामान्य flowering period Somei Yoshino हल्के गुलाबी/सफेद, 5 पंखुड़ियां मार्च-अप्रैल Yamazakura फूलों के साथ पत्तियां भी निकलती हैं मार्च-अप्रैल Edohigan फूल पत्तियों से पहले प्रारंभिक वसंत Kanzan गहरे गुलाबी, double flowers अप्रैल Fugenzo बड़ी double flowers अप्रैल Ukon हल्का पीला/पीला-हरा रंग अप्रैल Kikuzakura बहुत अधिक पंखुड़ियां अप्रैल-अप्रैल अंत फूल आने का समय क्षेत्र, तापमान और cultivar के अनुसार बदल सकता है। जापान में Cherry Blossom इतना महत्वपूर्ण क्यों है? जापान में Sakura केवल ornamental flower नहीं है। यह ऋतु परिवर्तन, सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन से गहराई से जुड़ा है। वसंत में Sakura देखने के लिए जापान के अलग-अलग शहरों में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचते हैं। Tokyo, Kyoto, Osaka, Yoshino, Hirosaki और अन्य क्षेत्रों में flowering का समय अलग-अलग होता है। भौगोलिक स्थिति के कारण जापान में दक्षिण से उत्तर की ओर flowering season आगे बढ़ता है। Okinawa में flowering जनवरी के आसपास शुरू हो सकती है, जबकि Hokkaido में यह मई तक पहुंच सकती है। Cherry Blossom कब खिलता है? इसका कोई एक निश्चित flowering date नहीं होती। तापमान और भौगोलिक स्थिति flowering को काफी प्रभावित करते हैं। उदाहरण के लिए Tokyo में Somei Yoshino का flowering सामान्यतः मार्च के अंतिम सप्ताह के आसपास होता है, जबकि उत्तरी जापान में flowering अप्रैल के अंत या मई तक पहुंच सकती है। भौगोलिक परिस्थितियों और flowering का संबंध क्षेत्र/स्थिति सामान्य प्रभाव गर्म क्षेत्र flowering अपेक्षाकृत जल्दी ठंडा क्षेत्र flowering देर से अधिक ऊंचाई flowering समय बदल सकता है धूप वाला स्थान flowering में अंतर हो सकता है ठंडी हवा/पाला फूलों को नुकसान हो सकता है cultivar flowering period बदलता है इसलिए Cherry Blossom को केवल कैलेंडर के आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय तापमान और cultivar के आधार पर समझना चाहिए। भारत में Cherry Blossom कहां पाया जाता है? Himalayan Cherry विशेष रूप से भारत में महत्वपूर्ण है। Prunus cerasoides को India Flora Online में Himalayan cherry, Indian wild cherry और Himalayan flowering cherry जैसे नामों से दर्ज किया गया है। यह प्राकृतिक रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है और ornamental tree के रूप में भी लगाया जाता है। भारत में इसके आकर्षक flowering landscapes हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों से जुड़े हैं। Meghalaya की Shillong Cherry Blossom के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हो चुका है। Meghalaya की जैव विविधता भी अत्यंत समृद्ध है और राज्य में हजारों flowering plant species दर्ज हैं। भारत का Cherry Blossom जापान से कैसे अलग है? यह सबसे दिलचस्प अंतर है। जापान की Sakura की लोकप्रिय varieties, विशेषकर Somei Yoshino, मुख्यतः वसंत flowering के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं भारत के Himalayan Cherry यानी Prunus cerasoides में कई क्षेत्रों में autumn-winter flowering देखने को मिलती है। शोध के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में इसके flowering का समय ऊंचाई, प्रकार और स्थानीय परिस्थितियों से प्रभावित होता है। भारत के कुछ पूर्वोत्तर क्षेत्रों में नवंबर के आसपास flowering दर्ज की गई है। यानी भारत में Cherry Blossom को जापान की Sakura की केवल “कॉपी” मानना सही नहीं होगा। भारतीय हिमालय का अपना विशिष्ट flowering cherry ecosystem है। Shillong Cherry Blossom इतना लोकप्रिय क्यों हुआ? Shillong और Meghalaya ने Himalayan Cherry को पर्यटन के साथ जोड़कर इसकी पहचान को काफी मजबूत किया है। Prunus cerasoides के फूलों के मौसम में Shillong में गुलाबी और सफेद फूलों से सजे पेड़ आकर्षण का केंद्र बनते हैं। इस प्राकृतिक दृश्य ने photography, tourism, cultural events और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर … Continue reading Cherry Blossom : (चेरी ब्लॉसम) जापान में फूलों को देखने और उनके बीच समय बिताने की परंपरा
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